दीपका: विश्वकर्मा पूजा उत्सव में भारी अव्यवस्था – अशोभनीय प्रस्तुतियों और फिजूलखर्ची से भड़के दर्शक, मजदूरों के पैसों की बर्बादी पर उठे सवाल
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दीपका।
प्रगति नगर श्रमवीर स्टेडियम में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम इस बार मनोरंजन से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहा। एसईसीएल दीपका प्रबंधन और जेसीसी मेंबरों के संरक्षण में हुए इस आयोजन ने दर्शकों को निराश करने के साथ-साथ सवालों के कटघरे में भी खड़ा कर दिया।
हजारों की भीड़ और उत्साह के बीच मंच पर पहुंचे कलाकार दर्शकों को बांधने में नाकाम रहे। भारत के लाफ्टर चैलेंज फेम कॉमेडियन वी.आई.पी. की मिमिक्री और हास्य अभिनय को लोगों ने फीका और उबाऊ बताया। वहीं, बॉलीवुड अभिनेत्री रितु शिवपुरी और अन्य कलाकारों की अशोभनीय वेशभूषा और नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को और गरमा दिया। धार्मिक अवसर पर ऐसे प्रदर्शन को ग्रामीणों और मजदूरों ने आस्था और परंपरा का अपमान करार दिया।
तकनीकी व्यवस्थाओं का हाल भी बदहाल रहा। लाइट और साउंड सिस्टम की बार-बार खराबियों ने कार्यक्रम की लय बिगाड़ दी। दर्शक सोशल मीडिया पर भड़के और आयोजन को ‘फिजूलखर्ची और असफल प्रयोग’ बताते हुए आलोचना की।
गंभीर सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि आखिर मजदूरों के खून-पसीने से काटे गए चंदे का इस्तेमाल इस तरह की भव्य लेकिन खोखली प्रस्तुतियों में क्यों किया गया। स्थानीय कलाकारों को दरकिनार कर मुंबई से कलाकार बुलाने में लाखों रुपये खर्च कर दिए गए, वहीं मजदूरों की वास्तविक समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
लोगों का आरोप है कि आयोजकों ने इस पूरे कार्यक्रम को सिर्फ अपनी तस्वीरें और नाम चमकाने का जरिया बना लिया। पोस्टरों और बैनरों पर नेताओं और अधिकारियों की फोटोबाजी में ही हजारों-लाखों रुपये उड़ा दिए गए।
अब मजदूरों और रहवासियों के बीच सवाल गूंज रहा है –
क्या धार्मिक आस्था और मेहनतकशों की कमाई से खिलवाड़ कर इस तरह के आयोजन करना जायज़ है?