ब्रेकिंग
69 करोड़ की आय, 56 करोड़ का व्यय: तीन माह की देरी से पेश हुआ दीपका नगर पालिका का बजट, विकास से ज्याद... 69 करोड़ की आय, 56 करोड़ का व्यय: तीन माह की देरी से पेश हुआ दीपका नगर पालिका का बजट, विकास से ज्याद... नगरपालिका प्रांगण में 'श्रम वीरों' का सम्मान: शाल-श्रीफल से हुआ स्वागत ज्योति नंद दुबे की उपस्थिति में मोहनपुर में गूंजा ‘गांव चलो, घर चलो’ अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम रहा ... स्थापना दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा सक्रिय: संतोषी दीवान ने ज्योति नंद दुबे का किया सम्मान, ‘मेरा बूथ... बालको ने पाली महोत्सव में प्रदर्शित किया सामुदायिक विकास का मॉडल बालको ने 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह पर चलाया जागरूकता अभियान वेदांता स्किल स्कूल बदल रहा है महिलाओं के साथ देश का भविष्य देवी मंदिरों में श्रृद्धालुओं ने टेका माथा, शोभा यात्रा में उमड़ी भीड़ बालको में जोगी कांग्रेस का खटिया खड़ी आंदोलन रहा असफल

बालको में जोगी कांग्रेस का खटिया खड़ी आंदोलन रहा असफल

0 132

कोरबा. बालको क्षेत्र में जोगी कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘खटिया खड़ीÓ आंदोलन को स्थानीय स्तर पर अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिल सका। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन उनमें से अधिकांश खाली ही नजर आईं। नागरिकों की कम भागीदारी के कारण आंदोलन का प्रभाव दिखाई नहीं दिया।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में रोजगार सहित विभिन्न मांगों को लेकर जोगी कांग्रेस ने प्रबंधन के खिलाफ यह आंदोलन आयोजित किया था। कार्यक्रम में पार्टी नेता अमित जोगी ने सभा को संबोधित किया। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान भीड़ अपेक्षा से काफी कम रही, जिससे आंदोलन पूरी तरह से असफल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंदोलन में उठाए गए मुद्दे मजदूरों एवं नागरिकों को उतने प्रभावी नहीं लगे, जितनी उम्मीद की जा रही थी।

आंदोलन में कम भीड़ के पीछे कुछ प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। बालको क्षेत्र में जोगी कांग्रेस का मजबूत संगठनात्मक ढांचा दिखाई नहीं देता। यही कारण रहा कि पार्टी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में कार्यक्रम तक नहीं जुटा सकी। मजदूरों ने आंदोलन में शामिल होने में रुचि नहीं दिखाई। मजदूरों का कहना था कि जिन मुद्दों को आंदोलन में उठाया गया, वे उनके लिए प्राथमिकता के विषय नहीं थे।


खटिया पर बैठे जोगी कांग्रेस नेता अमित जोगी

 

स्थानीय नागरिकों का मानना था कि आंदोलन से क्षेत्र की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकलने की कोई संभावना नहीं है, जिसके कारण उन्होंने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। वही कुछ लोगों ने यह भी कहा कि आंदोलन स्थानीय मुद्दों से अधिक राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास था। इस वजह से आम लोगों का भरोसा और भागीदारी दोनों सीमित रही।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई जानकारी और वास्तविक स्थिति में अंतर होने के कारण भी आंदोलन की तैयारी और जनसमर्थन बेअसर दिखाई दिया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था।

Leave A Reply

Your email address will not be published.