कोरबा. भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के जी-९ आवासीय प्रोजेक्ट को लेकर दायर याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। यह याचिका कोरबा के एक अधिवक्ता द्वारा दायर की गई थी, जिसमें जी-९ प्रोजेक्ट के निर्माण पर आपत्ति जताई गई थी। इससे पहले भी इसी मामले में दायर याचिका को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किया जा चुका था।

कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्य शासन एवं प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप बताए गए हैं। बालको में चल रहे जी-९ विकास कार्यों को लेकर दायर याचिका में जो आपत्तियां उठाई गई थीं। अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद अपना निर्णय सुनाया। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद जी-९ प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
जी-९ प्रोजेक्ट का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधाएं विकसित करना बताया गया है। यह परियोजना कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई पहल का हिस्सा मानी जा रही है। बताया गया है कि बालको टाउनशिप के आवासीय परिसर काफी पहले बनाये गए थे। समय के साथ-साथ सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए नए कर्मचारियो के लिए आवासीय भवनों का निर्माण आवश्यक हो गया था।