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मजदूरों की रोटी पर डाका – अंश पोर्टल बंद कर एसईसीएल प्रबंधन पर ‘ठेका माफिया’ को फायदा पहुँचाने का आरोप

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Urjatimes 

कोरबा, 20 सितम्बर 2025

दीपका क्षेत्र में स्थानीय बेरोजगारों का गुस्सा अब उबाल पर है। आरोप है कि एसईसीएल दीपका प्रबंधन ने अंश पोर्टल के जरिए मिलने वाले छोटे-छोटे कार्य अचानक बंद कर दिए, जिससे सैकड़ों परिवारों की रोज़ी-रोटी छिन गई है।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (जेसीपी) के महासचिव महावीर यादव ने प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह मजदूर विरोधी है।

> “अंश पोर्टल मजदूरों और बेरोजगार युवाओं के लिए जीवनरेखा था। लेकिन दीपका प्रबंधन ने इसे बंद कर मजदूरों की रोटी पर सीधा डाका डाल दिया है। इससे साफ झलकता है कि प्रबंधन की नीतियां अब स्थानीय हितों के बजाय बाहरी ठेकेदारों और ठेका माफिया को फायदा पहुँचाने के लिए बनाई जा रही हैं।”

ग्रामीणों का कहना है कि पोर्टल के जरिए दो लाख रुपये से नीचे के कार्य पहले स्थानीय स्तर पर दिए जाते थे, जिससे मजदूरों को रोजगार मिलता और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होती। लेकिन अचानक इस व्यवस्था को ठप कर देना, मजदूरों के खून-पसीने की कमाई छीनने जैसा कदम है।

लोगों ने आरोप लगाया कि दीपका प्रबंधन को स्थानीय बेरोजगारों की तकलीफ से कोई मतलब नहीं है। मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवार की रोटी तक पर संकट आ गया है, लेकिन प्रबंधन चुप्पी साधे बैठा है।

यादव ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अंश पोर्टल के कार्य बहाल नहीं हुए तो जनता सड़कों पर उतरकर विशाल आंदोलन करेगी।

> “हम किसी भी कीमत पर मजदूरों का हक छीने जाने नहीं देंगे। अगर जरूरत पड़ी तो एसईसीएल मुख्यालय का भी घेराव किया जाएगा।”

दीपका क्षेत्र में यह मुद्दा अब आक्रोश की लहर बन चुका है और सवाल यह है कि –

 क्या प्रबंधन मजदूरों की बात सुनेगा या फिर अपने ठेका माफिया को फायदा पहुँचाने के लिए बेरोजगारों को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर करेगा?

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